लोकाई में साडी ओढ़ाने की प्रथा
जब
किसी पुरुष की मौत हो जाती है तब जब उसका बारमा तेरमा आदिवासी भाषा में
(लोकाई ) की जाती है |उसमे जिस पुरुष की मौत हुई है उसकी पत्नी के साथ साथ
गाँव की और महिलायो को भी साडी ओढ़ाने की परम्परा है | इसके साथ पुरुष वर्ग
के लिए रूमाल लेने होते है | खर्च करीबन एक लोकाई में हजार के करीबन होता
है | गाँव के अधिकतर लोग ये चाहते है की ये बंद होना चाहिए | केवल जिस
महिला के पति की मौत हुई है उसे ही साड़ी केवल उसके परिवार के लोग ओढ़ाए बाकी
के लोग उसके हाथ में अपने अनुसार थोड़ा सा पैसा दे दे ताकि उसके कभी काम
में भी आये |
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