मौताणा - चढ़ोतरा में बदलाव की जरुरत
१.डिलीवरी के समय
अगर किसी महिला की मौत हो जाये तो पियर पक्ष ससुराल पक्ष से पैसे की मांग
ना करे | कुदरती मौत का जिम्मेदार किसी को भी ठहराना गलत है |
२.जब किसी पुरुष की अचानक मौत हो जाती है और जिसकी जमीन या जिसके खेत में हो उसे जिम्मेदार ठहराना भी गलत है |
३.जब
हमारा कोई व्यक्ति किसी के यहाँ मेहमान बनके जाए और उसकी मौत हो जाये तो
जहां गया था मेहमान बनकर उनको इसका जिम्मेदार ठहराना गलत है |
४.जब कभी अचानक किसी की गाडी से एक्सीडेंट हो जाये तो जो गाडी वाला है उसे मारने के बजाय गाडी का जो बिमा किया हुआ है वो लिया जाये |
५.केवल किसी को शक के आधार पर उस गाँव के उस जाती समाज के सभी लोगो को परेशान करना कहा का न्याय है |
६.अगर
किसी को पता भी चलता है की इस व्यक्ति ने ये गुनाह किया है तो केवल उसे
सजा दे समाज क्यों आखिर पुरे गांव को इसके लिए अपना गाँव छोड़कर जाना पड़े |
७.जो व्यक्ति कोई गुनाह करता है तो उसे समाज से बहार किया जाये और साथ में दण्डित भी किया जाये |
८.किसी की मौत हो तो उसकी पूरी जाँच की जाए उसके बाद ही किसी को जिम्मेदार ठहराया जाये |
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