गुरुवार, 8 सितंबर 2016

जीमण प्रथा में बदलाव की जरुरत

जीमण प्रथा में बदलाव की जरुरत 

१.सबसे बड़ी बात ये है की रोटी केवल उन लोगो के लिए बनाई जाए जो मेहमान आते है और गाँव के लोगो के लिए लप्सी बनाई जाये लेकिन वो भी लोगो की मात्रा को देखकर | इसके साथ ही इस जीमण प्रथा में आने वाले मेहमान भी केवल पांच या सात ही हो |ताकि खर्च भी बच सके | साथ ही इस जीमण को सुबह १२ बजे तक समाप्त कर देना चाहिए ताकि बाकि के आधे दिन लोग अपना काम भी कर सकते है |

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