हमे जागना होगा,हमे जागना होगा,
हर जगह आदिवासी जाग गए ,
बस हम ही सोये है,
हमे भी अब जागना होगा. हमे भी अब जागना होगा,
अपने अधिकार के लिए,
अपने सम्मान के लिए,
अपनी पहचान के लिए,
अपने समाज के लिए,
अपने भाई बंधुओ के लिए,
और खास तो स्वम् अपने लिए.
हमे जागना होगा हमे जागना होगा,
हर कोई अपनेअधिकार की बात करता है,
हर कोई अपने सम्मान की बात करता है ,
अब चुप नहीं बैठना होगा,अब हमे भी जागना होगा,
हमे जागना होगा,हमे जागना होगा
आज नहीं जगे तो कभी नहीं जागेंगे,
इसलिए आज ही जागना होगा !
आदिवासी विनोद कुमार

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